सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक वीडियो शेयर किया किया गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसकर्मी कंधे पर अर्थी ले जा रहे ग्रामीणों को रोकते हुए नज़र आ रहे हैं। इसी दौरान एक पुलिसवाले को ये भी कहते हुए सुना जा सकता है कि अनर्थ हो जायेगा | यूज़र्स इस वीडियो को पुलिस द्वारा दलित व्यक्ति के शव को श्मशान ले जाने से रोके जाने का बताकर शेयर कर रहे हैं।
सोशल साइट X पर Doma Parisangh नामक अकाउंट ने वीडियो शेयर कर लिखा “हिंदू राष्ट्र में दलितों की यही जगह है | “
फैक्ट चेक:
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि इस मामले में जातिवाद का एंगल नहीं है। यह वीडियो किसी दलित व्यक्ति के शव को दाह संस्कार की लिए श्मशान ले जाने से रोकने का नहीं है, बल्कि अमेठी के जगदीशपुर कोतवाली के गूंगेमऊ गांव की शमशान के केयरटेकर मनोज सिंह ऊर्फ मक्खन सिंह की हत्या का मामला है।
वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमे यह वीडियो एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट मिला, जिसके साथ जानकारी दी गई है कि अमेठी पुलिस मक्खन सिंह के हत्यारों को पकड़ने की बजाय परिजनों को ही धमकी दे रही है। आगे की जांच में हमें भारत समाचार की आधिकारिक X हैंडल पर 15 दिसंबर 2025 को पोस्ट मिला | इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है ” अमेठी : श्मशान के केयरटेकर की हत्या का मामला | परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया मना | परिजनों की
मांग- पहले हत्यारे गिरफ्तार हों | रिक्शा पर रखकर शव लेकर जाम लगाने निकले | रास्ते में पुलिस और ग्रामीणों में हुई नोक-झोंक | शव कंधे पर लादकर रोड जाम करने निकले | जगदीशपुर कोतवाली के गूंगेमऊ गांव की घटना”
वहीं हमें दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट्स मिलीं, जिसमें बताया गया है कि मक्खन सिंह की हत्या का राजफाश न होने पर परिवारजन व ग्रामीणों ने जगदीशपुर-गौरीगंज मार्ग को जाम कर दिया था। इस दौरान साढ़े तीन घंटे तक रोड जाम रहा। जिसमें कई थानों की फोर्स मौके पर लगाई गई थी। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
निष्कर्ष :
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि वायरल वीडियो अमेठी के जगदीशपुर में श्मशान के केयरटेकर मक्खन सिंह की हत्या का मामला है। यह दलित शख्स को दाह संस्कार से रोके जाने का मामला नहीं है। इसलिए यूज़र्स का दावा भ्रामक है |



