Anti India Narrative

बांग्लादेश में भारत विरोधी ऑनलाइन नरेटिव के पीछे पाकिस्तानी और विदेशी नेटवर्क का खुलासा

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भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध लंबे समय से रणनीतिक सहयोग, आर्थिक साझेदारी और ऐतिहासिक जुड़ाव पर आधारित रहे हैं। हालांकि, हालिया महीनों में इन द्विपक्षीय संबंधों में कुछ ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं, जिनके चलते कूटनीतिक स्तर पर तनाव की स्थिति बनी है। सीमित लेकिन संवेदनशील मुद्दों पर उभरे मतभेदों ने न केवल राजनीतिक और राजनयिक विमर्श को प्रभावित किया है, बल्कि इसका असर डिजिटल स्पेस में भी स्पष्ट रूप से देखा गया है।

इसी पृष्ठभूमि में, बांग्लादेश के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स—विशेष रूप से X (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक पर भारत विरोधी दुष्प्रचार की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध सार्वजनिक कंटेंट यह संकेत देता है कि भारत-विरोधी दुष्प्रचार का यह खेल बांग्लादेश के बहाने पाकिस्तानी और विदेशों से संचालित नेटवर्क्स के द्वारा किया जा रहा है। इसमें चयनित तथ्यों, आंशिक सूचनाओं और भावनात्मक भाषा का प्रयोग कर एक ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिसमें भारत को बांग्लादेश की आंतरिक या क्षेत्रीय समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई है।

#IndiaOut और #BoycottIndia जैसे हैशटैग्स के ज़रिए भारत के खिलाफ नकारात्मक नरेटिव्स को संगठित तरीके से आगे बढ़ाया गया, जिनमें राजनीतिक आरोप, भावनात्मक अपील और भ्रामक दावों का मिश्रण दिखाई देता है। कई मामलों में ये ऑनलाइन प्रतिक्रियाएँ केवल तात्कालिक असंतोष तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि इन्हें व्यापक जनभावना को प्रभावित करने वाले अभियानों का रूप दिया गया।

यह रिपोर्ट इसी संदर्भ में भारत और बांग्लादेश के बीच हालिया तनाव के साथ-साथ X (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक पर सक्रिय भारत-विरोधी दुष्प्रचार का विश्लेषण करती है। इसका उद्देश्य किसी राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुँचना नहीं, बल्कि यह समझना है कि किस प्रकार मौजूदा परिस्थितियों का उपयोग कर ऑनलाइन नरेटिव्स गढ़े और प्रसारित किए जा रहे हैं, और वे दोनों देशों के संबंधों तथा सार्वजनिक धारणा को किस हद तक प्रभावित कर सकते हैं।

इस रिपोर्ट के मुख्य बिन्दू निम्नलिखित है-

  1. भारत विरोधी दुष्प्रचार का नेक्सस
  2. नेक्सस के ऑनलाइन प्रोपेगेंडा का कंटेंट एनालिसिस
  3. पाकिस्तानी यूजर्स की भूमिका
  4. फेसबुक पर प्रोपेगेंडा और हैशटैग्स विश्लेषण

1- भारत विरोधी दुष्प्रचार का नेक्ससः

इस रिपोर्ट के दौरान X (पूर्व में ट्विटर) पर भारत-विरोधी ऑनलाइन अभियानों का विश्लेषण करते हुए कुल 10 ऐसे यूज़र्स की पहचान की गई, जो #IndiaOut और #BoycottIndia जैसे हैशटैग्स के साथ नियमित या अर्ध-नियमित रूप से कंटेंट शेयर करते पाए गए। इन यूज़र्स में आसिफुर रहमान, अली, हिक्कप, फहराना जीनत बरशा, ओपिनिय ए-टू-जेड, एजफर शाह, शुआरेज, एन. हुसैन, हृदोय और लुक शार्प शामिल हैं। यह अकाउंट नेटवर्क में अपेक्षाकृत कम प्रभावशाली है, लेकिन सामूहिक अभियान के हिस्से के रूप में इसकी भूमिका बनी रहती है।

2- नेक्सस के ऑनलाइन प्रोपेगेंडा का कंटेंट एनालिसिसः

इन 10 यूज़र्स का विश्लेषण यह दर्शाता है कि भारत-विरोधी ऑनलाइन अभियान किसी एक अकाउंट तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न स्तर के प्रभाव वाले यूज़र्स के माध्यम से संचालित होता है। कुछ अकाउंट्स कंटेंट निर्माण में सक्रिय हैं, जबकि अन्य उसका प्रसार और एम्प्लीफिकेशन करते हैं।

आसिफुर रहमान के अकाउंट से शेयर किए गए पोस्ट्स में भारत को क्षेत्रीय अस्थिरता, मानवाधिकार उल्लंघन और पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से जोड़ने वाले नरेटिव देखे गए। इनके पोस्ट्स में भावनात्मक भाषा का प्रयोग अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि एंगेजमेंट मध्यम स्तर का रहा, जो सीमित लेकिन स्थिर दर्शक-वर्ग की ओर संकेत करता है। अली नाम से सक्रिय अकाउंट ने #IndiaOut और #BoycottIndia हैशटैग्स के साथ भारत-विरोधी पोस्ट्स साझा किए, जिनमें अक्सर अन्य यूज़र्स के कंटेंट को री-पोस्ट या कोट किया गया।

हिक्कप के पोस्ट्स अपेक्षाकृत कम संख्या में हैं, लेकिन ये अक्सर ट्रेंडिंग हैशटैग्स के साथ साझा किए गए। यह पैटर्न दर्शाता है कि अकाउंट अवसर-आधारित तरीके से सक्रिय होता है, विशेष रूप से तब जब भारत से जुड़ा कोई विवाद या संवेदनशील विषय चर्चा में आता है। फहराना जीनत बरशा के अकाउंट से साझा किए गए कंटेंट में भारत-विरोधी नरेटिव को सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया। इसके पोस्ट्स में संदेश स्पष्ट रूप से भारत की नीतियों और भूमिका पर सवाल उठाने वाला है।

ओपिनिय ए-टू-जेड (Opinion A-to-Z) अकाउंट का विश्लेषण बताता है कि यह भारत-विरोधी अभियानों में एक सक्रिय भूमिका निभाता है। #IndiaOut और #BoycottIndia हैशटैग्स का नियमित उपयोग, और अन्य समान विचारधारा वाले अकाउंट्स के साथ इंटरैक्शन, इसके नेटवर्क प्रभाव को दर्शाता है। अजफर शाह के अकाउंट से शेयर किए गए पोस्ट्स में भारत को लेकर राजनीतिक आरोप और अंतरराष्ट्रीय संदर्भों का उपयोग किया गया। शुआरेज नामक अकाउंट अपेक्षाकृत कम सक्रिय है, लेकिन जब सक्रिय होता है तो प्रायः #BoycottIndia जैसे हैशटैग्स के साथ पोस्ट करता है। एन. हुसैन के अकाउंट से नियमित अंतराल पर भारत-विरोधी पोस्ट्स शेयर किए गए, जिनमें #IndiaOut और #BoycottIndia दोनों हैशटैग्स का उपयोग देखा गया। लुक शार्प के अकाउंट से साझा किए गए पोस्ट्स सीमित हैं, लेकिन इनमें भी #IndiaOut और #BoycottIndia जैसे हैशटैग्स का प्रयोग देखा गया।

यूज़रसोर्स (Platform / Handle)पोस्ट फ्रीक्वेंसी / Engagementएनालिसिस / नेटवर्क प्रभाव
ankon880X – @ankon880मध्यम संख्या में पोस्ट्स; Engagement सीमितनियमित #IndiaOut और #BoycottIndia पोस्ट्स, भारत-विरोधी नरेटिव साझा; नेटवर्क प्रभाव छोटा।
Newdesh24X – @Newdesh24उच्च संख्या में पोस्ट्स; Engagement उच्चलगातार #IndiaOut और #BoycottIndia पोस्ट्स, मेंशन और शेयर अधिक; नेटवर्क में प्रभाव प्रमुख।
AhmedShahAzfarX – @AhmedShahAzfarकम संख्या में पोस्ट्स; Engagement कमसमय-समय पर #IndiaOut और #BoycottIndia पोस्ट्स; नरेटिव की पहुंच सीमित।
Opinion_A2ZX – @Opinion_A2Zमध्यम संख्या में पोस्ट्स; Engagement मध्यम#IndiaOut और #BoycottIndia हैशटैग के साथ भारत-विरोधी विचार साझा; नेटवर्क प्रभाव स्थिर।
prettywitch_ukX – @prettywitch_ukकम संख्या में पोस्ट्स; Engagement कमहैशटैग का कम उपयोग (#IndiaOut / #BoycottIndia); पोस्ट्स कभी-कभार भारत विरोधी सामग्री साझा करती हैं।
CitizenBangla24X – @CitizenBangla24उच्च संख्या में पोस्ट्स; Engagement उच्चनियमित और प्रभावशाली #IndiaOut और #BoycottIndia पोस्ट्स; नेटवर्क में मुख्य भूमिका।
NHusain_X – @NHusain_मध्यम संख्या में पोस्ट्स; Engagement मध्यम#IndiaOut और #BoycottIndia पोस्ट्स साझा करता है; नेटवर्क प्रभाव मध्यम स्तर का।
ClosedCaptionsXX – @ClosedCaptionsXकम-मध्यम संख्या में पोस्ट्स; Engagement मध्यम#IndiaOut और #BoycottIndia पोस्ट्स कभी-कभार साझा; नेटवर्क प्रभाव सीमित।
Yours_HiccupX – @Yours_Hiccupकम संख्या में पोस्ट्स; Engagement कम#IndiaOut हैशटैग के साथ sporadic पोस्ट्स; प्रभाव नेटवर्क में न्यून।
HridoyBD36X – @HridoyBD36मध्यम संख्या में पोस्ट्स; Engagement मध्यम#IndiaOut और #BoycottIndia पोस्ट्स साझा करता है; नेटवर्क में स्थिर लेकिन उच्च प्रभाव नहीं।

#IndiaOut को प्रसारित करने में नेक्सस की भूमिकाः

इन 9 यूजर्स ने #IndiaOut से जुड़े 212 ट्वीट्स किए हैं, जो यह दिखाता है कि यह अभियान किसी एक-दो अकाउंट की गतिविधि नहीं है, बल्कि कई अकाउंट्स द्वारा लगातार और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। सबसे ज़्यादा सक्रिय अकाउंट @AhmedShahAzfar है, जिसने अकेले 62 ट्वीट्स किए हैं। यह संख्या कुल ट्वीट्स का लगभग 30% है, जो इस बात का संकेत देती है कि यह अकाउंट नैरेटिव ड्राइविंग रोल में है और संभवतः अन्य अकाउंट्स के लिए टोन और दिशा तय करता है।

इसके बाद @CitizenBangla24 (37 ट्वीट्स) और @ankon880 (31 ट्वीट्स) जैसे अकाउंट्स सेकेंडरी एम्प्लीफायर की भूमिका में दिखते हैं। ये अकाउंट्स मुख्य मैसेज को दोहराने, ट्रेंड को जीवित रखने और हैशटैग की विज़िबिलिटी बढ़ाने का काम करते हैं। @Opinion_A2Z (25 ट्वीट्स) और @NHusain_ (22 ट्वीट्स) मध्यम स्तर की सक्रियता दिखाते हैं, जो लगातार अंतराल पर कंटेंट डालकर नैरेटिव को स्थायी बनाए रखने की रणनीति अपनाई गई है। कम संख्या में ट्वीट करने वाले अकाउंट्स—जैसे @prettywitch_uk (18), @Newdesh24 (11), @HridoyBD36 (4) और @Yours_Hiccup (2)—की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। ऐसे अकाउंट्स अक्सर रीट्वीट, कोट ट्वीट या चयनित समय पर पोस्ट डालकर अभियान को ऑर्गैनिक और विविध दिखाने का काम करते हैं, ताकि यह किसी एक स्रोत से संचालित न लगे। समग्र रूप से देखें तो यह पैटर्न एक कोर–परिधि (core–periphery) मॉडल की ओर इशारा करता है, जहां कुछ अकाउंट्स भारी मात्रा में कंटेंट प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि अन्य अकाउंट्स उसी कंटेंट को सपोर्ट और एम्प्लीफाई कर रहे हैं। यह संरचना आमतौर पर संगठित ऑनलाइन अभियानों में देखी जाती है, जहां उद्देश्य केवल पोस्ट करना नहीं, बल्कि ट्रेंड बनाना, नैरेटिव को सामान्य बनाना और उसे लंबे समय तक डिजिटल स्पेस में जीवित रखना होता है।

यूजर्स के लोकेशन दावों और प्लेटफ़ॉर्म डेटा के बीच विरोधाभासः

इस रिपोर्ट के दौरान यह एक महत्वपूर्ण पैटर्न के रूप में सामने आया कि भारत-विरोधी ऑनलाइन अभियानों में शामिल कई यूज़र्स स्वयं को बांग्लादेश-आधारित या बांग्लादेश से संचालित बताने का दावा करते हैं। हालांकि, X (ट्विटर) पर उपलब्ध अकाउंट मेटाडेटा, कनेक्टेड ऐप्स और लोकेशन संकेतकों का विश्लेषण इस दावे से मेल नहीं खाता।

आसिफुर रहमान और अली जैसे अकाउंट्स ने अपने प्रोफाइल में बांग्लादेश से जुड़े संकेत प्रदर्शित किए हैं, लेकिन उनके अकाउंट से जुड़ी तकनीकी जानकारी अलग तस्वीर पेश करती है। उदाहरण के तौर पर, कुछ अकाउंट सुनिश्चित रूप से United States App Store या Android App से कनेक्टेड पाए गए, जो यह संकेत देता है कि इन अकाउंट्स की गतिविधियां बांग्लादेश के बाहर से संचालित या प्रबंधित हो रही हैं।

इसी तरह, हृदोय ने अपनी लोकेशन में ढाका-बांग्लादेश लिखा है, जबकि अकाउंट से जुड़ी जानकारी में “Account based in Germany” जैसे स्पष्ट संकेत दिखाई देते हैं। यह विरोधाभास इस संभावना की ओर इशारा करता है कि अकाउंट की सार्वजनिक पहचान और वास्तविक संचालन स्थान अलग-अलग हो सकते हैं। अजफर शाह के अकाउंट के मामले में भी ऐसा ही पैटर्न सामने आया, जहां अकाउंट बांग्लादेशी नरेटिव को आगे बढ़ाता है, लेकिन प्लेटफ़ॉर्म डेटा इसे United States से कनेक्टेड दिखाता है। वहीं Opinion A2Z से जुड़े अकाउंट के मेटाडेटा में United Arab Emirates आधारित संकेत पाए गए, जो इसके कथित क्षेत्रीय दावों से मेल नहीं खाते। अली नामक यूजर खुद की लोकेशन में बांग्लादेश लिखा है, जबकि मेटाडेटा, कनेक्टेड ऐप्स और लोकेशन संकेतकों में इसके ग्रीस-यूरोप से जुड़ा बताता है। एन. हुसैन भी अपनी लोकेशन ढाका-बांग्लादेश बताता है, लेकिन एक्स पर उपलब्ध जानकारी इस अकाउंट के आयरलैंड से संचालित होने की जानकारी देते हैं। इसके अलावा अन्य जैसे हिक्कप, लुक शार्प और शुआरेज की लोकेशन भी यूरोप और अमेरिका दिखाता है।

समग्र रूप से, यह विश्लेषण दर्शाता है कि भारत-विरोधी ऑनलाइन अभियान केवल बांग्लादेश के भीतर सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ऐसे अकाउंट्स भी शामिल हैं जो स्वयं को स्थानीय दिखाने का प्रयास करते हैं, जबकि उनके संचालन से जुड़े तकनीकी संकेत किसी अन्य देश की ओर इशारा करते हैं। यह रणनीति न सिर्फ नरेटिव को अधिक “स्थानीय” और विश्वसनीय दिखाने में सहायक होती है, बल्कि अभियान की वास्तविक भौगोलिक पहुंच को भी छिपाती है।

3- पाकिस्तानी यूजर्स की भूमिकाः

इस रिपोर्ट में सामने आए ग्राफिकल साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि भारत-विरोधी ऑनलाइन अभियानों में शामिल कुछ प्रमुख अकाउंट्स और डिजिटल ग्रुप्स केवल कंटेंट स्तर पर ही नहीं, बल्कि तकनीकी और प्लेटफ़ॉर्म स्तर पर भी पाकिस्तान से जुड़े संकेत प्रदर्शित करते हैं। विशेष रूप से, ऐसे कई यूज़र्स पाए गए जो सार्वजनिक रूप से स्वयं को बांग्लादेशी नागरिक या बांग्लादेश-आधारित एक्टिविस्ट के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जबकि X (Twitter) और Facebook पर उपलब्ध मेटाडेटा उनके संचालन को किसी अन्य देश—विशेष रूप से पाकिस्तान—से जोड़ता है।

पहले ग्राफिक में दिखाया गया “Inquilab Zindabad” नेटवर्क इस पैटर्न को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस नेटवर्क में Voice of Gen-Z (@VoGen_Z) जैसे अकाउंट्स की भूमिका प्रमुख दिखाई देती है, जहां एडमिन और मॉडरेटर स्तर पर Hiccup (@Yours_Hiccup) और Tamzid Salehin जैसे यूज़र्स शामिल हैं। प्रोफाइल जानकारी के अनुसार, Tamzid का अकाउंट “Account based in Bangladesh” दिखाता है, लेकिन साथ ही “Connected via Pakistan App Store” जैसे संकेत मौजूद हैं। यही पैटर्न Voice of Gen-Z अकाउंट में भी देखा गया, जो स्वयं को बांग्लादेश-आधारित दर्शाता है, लेकिन तकनीकी रूप से पाकिस्तानी App Store से कनेक्टेड पाया गया। यह विरोधाभास केवल लोकेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नेटवर्क संचालन और कंटेंट मैनेजमेंट के स्तर पर भी दिखाई देता है। एक ही नेटवर्क के भीतर मौजूद कई अकाउंट्स का पाकिस्तान-आधारित ऐप इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा होना इस संभावना को मजबूत करता है कि यह गतिविधि किसी एक देश तक सीमित न होकर क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल कोऑर्डिनेशन का हिस्सा है।

वहीं फेसबुक आधारित नेटवर्क का विश्लेषण इस पैटर्न को और मजबूत करता है। यहां “হিন্দুবাদ+ভারত বিরোধী” (Hindubad + Bharat Birodhi) जैसे ग्रुप्स के मॉडरेशन ढांचे में Iqrar Mehdi जैसे यूज़र्स की भूमिका दिखाई देती है। उपलब्ध प्रोफाइल और पोस्ट्स के अनुसार, यह अकाउंट पाकिस्तान के कराची (Grand Jamia Mosque, Bahria Town) जैसे स्थानों से जुड़ा कंटेंट साझा करता है, जबकि ग्रुप का समग्र नरेटिव बांग्लादेश-केंद्रित और भारत-विरोधी है।

इन दोनों मामलों में एक साझा पैटर्न उभरता है—

  • सार्वजनिक पहचान: बांग्लादेशी या स्थानीय
  • तकनीकी संकेत (App Store / Android App): पाकिस्तान
  • कंटेंट नरेटिव: भारत-विरोधी, #IndiaOut और #BoycottIndia से मेल खाता हुआ

यह रणनीति संभवतः इसलिए अपनाई जाती है ताकि नरेटिव को स्थानीय और ऑर्गेनिक दिखाया जा सके, जबकि वास्तविक संचालन और समन्वय किसी अन्य देश से किया जा रहा हो। प्लेटफ़ॉर्म डेटा स्वयं में अंतिम प्रमाण नहीं होता, लेकिन जब इसे नेटवर्क संरचना, एडमिन/मॉडरेटर रोल, कंटेंट टाइमिंग और साझा हैशटैग्स के साथ जोड़कर देखा जाता है, तो यह एक संगठित और बहु-देशीय डिजिटल अभियान की ओर संकेत करता है

यह अकाउंट Ranveer Singh (@Ranveer6829) खुद को प्रोफाइल में “News, facts, and fearless reporting” के तौर पर प्रस्तुत करता है और लोकेशन New York, USA दिखाता है। लेकिन अकाउंट की मेटाडेटा जानकारी एक बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है। ट्विटर के सिस्टम डेटा के अनुसार यह अकाउंट Pakistan आधारित है और Pakistan Android App के ज़रिए संचालित किया जा रहा है। यह विरोधाभास अपने आप में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अकाउंट की घोषित पहचान और वास्तविक ऑपरेशनल लोकेशन के बीच अंतर को उजागर करता है।

इस अकाउंट द्वारा पोस्ट किया गया कंटेंट भी संयोगवश नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से #IndiaOut नैरेटिव को आगे बढ़ाने वाला है। पोस्ट में “India Out”, “Inqilab Zindabad” और “Bangladesh Zindabad” जैसे नारे एक साथ दिखाई देते हैं, जो भारत-विरोधी भावनाओं को क्षेत्रीय राजनीतिक नारों के साथ जोड़ने की रणनीति को दर्शाते हैं। विज़ुअल में युद्ध, विरोध और राष्ट्र-विरोधी प्रतीकों का इस्तेमाल यह बताता है कि भावनात्मक उकसावे (emotional provocation) के ज़रिए मैसेज को ज़्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।

अकाउंट का हाल ही में बनाया जाना (April 2025) भी एक अहम संकेत है। नए अकाउंट्स का इस तरह के ट्रेंडिंग हैशटैग्स के साथ तुरंत सक्रिय होना अक्सर कैंपेन-ड्रिवन गतिविधि की ओर इशारा करता है, जहां अकाउंट्स को किसी विशेष नैरेटिव को बढ़ाने के लिए तैयार किया जाता है, न कि ऑर्गैनिक जर्नलिज़्म या न्यूज़ शेयरिंग के लिए।

4- फेसबुक पर प्रोपेगेंडा और हैशटैग्स विश्लेषणः

फेसबुक पर সাইবার ফোর্স – We Work To Protect Bangladesh (साइबर फोर्स-हम बांग्लादेश की रक्षा के लिए काम करते हैं) नामक एक कम्यूनिटी ग्रुप है। इस ग्रुप का संचालन इसी नाम से बनाए गए एक फेसबुक पेज द्वारा किया जाता है। पेज पर साझा किए गए पोस्ट्स का विश्लेषण बताता है कि इसमें भारत को लगातार एक आक्रामक, हस्तक्षेपकारी और अस्थिरता पैदा करने वाली ताकत के रूप में चित्रित किया गया है। कुछ पोस्ट्स में भारत को क्षेत्रीय असंतुलन का कारण बताने की कोशिश की गई है, जबकि पाकिस्तान और चीन को रणनीतिक संतुलन या वैकल्पिक शक्ति के रूप में अप्रत्यक्ष रूप से सकारात्मक संदर्भों में दिखाया गया है। यह फ्रेमिंग सामान्य आलोचना से आगे बढ़कर जियोपॉलिटिकल नरेटिव इंजीनियरिंग की ओर इशारा करती है। इस यूजर ने कई पोस्ट में भारत के भूराजनैतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण जगहों जैसे चिकन नेक यानी सिलिगुड़ी कॉरीडोर को कट करके पूर्वोत्तर के राज्यों से संपर्क तोड़ने की बात भी कही है।

बड़ी संख्या में #IndiaOut और #BoycottIndia के पोस्टः

Facebook पर सक्रिय दो भारत-विरोधी हैशटैग्स — #IndiaOut और #BoycottIndia — की कुल पोस्ट संख्या दिखाई गई है। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि प्लेटफॉर्म पर भारत के खिलाफ एक संगठित और लगातार चलने वाला डिजिटल नैरेटिव मौजूद है। #BoycottIndia के तहत लगभग 5.45 लाख पोस्ट दर्ज की गई हैं, जो यह संकेत देता है कि यह हैशटैग मुख्य रूप से भारत के आर्थिक, राजनीतिक और कूटनीतिक बहिष्कार की मांग से जुड़ा हुआ है। इतनी बड़ी मात्रा में कंटेंट का निर्माण किसी स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया की बजाय योजनाबद्ध प्रचार की ओर इशारा करता है।

वहीं #IndiaOut हैशटैग के अंतर्गत लगभग 2.21 लाख पोस्ट की गई हैं। यह हैशटैग सीधे तौर पर भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग दिखाने और उसके खिलाफ जनमत तैयार करने की कोशिश से जुड़ा प्रतीत होता है। संख्या के लिहाज से यह #BoycottIndia से कम है, लेकिन दोनों हैशटैग्स की समान प्रकृति और समान समयावधि में सक्रियता यह दर्शाती है कि ये अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही व्यापक भारत-विरोधी अभियान के हिस्से हो सकते हैं। दोनों हैशटैग्स को मिलाकर कुल पोस्ट्स की संख्या 7.66 लाख से अधिक हो जाती है, जो Facebook जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत-विरोधी कंटेंट के व्यापक प्रसार की ओर संकेत करती है। कंटेंट की मात्रा और उसका दोहराव यह दर्शाता है कि यह केवल व्यक्तिगत यूजर्स की अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि इसमें पेजों, ग्रुप्स और संभवतः क्रॉस-प्लेटफॉर्म नेटवर्क्स की भूमिका भी हो सकती है।

इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि भारत के खिलाफ चल रहे ऑनलाइन अभियानों में भावनात्मक भाषा, राजनीतिक आरोप और बहिष्कार की अपील जैसे तत्वों का रणनीतिक इस्तेमाल किया गया है। यह पैटर्न समन्वित सूचना अभियान की संभावना को मजबूत करता है, जिसमें सोशल मीडिया का उपयोग जनमत को प्रभावित करने और भारत की छवि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा रहा है।

निष्कर्षः

यह रिपोर्ट एक ऐसे समन्वित, बहु-प्लेटफॉर्म और सुनियोजित भारत-विरोधी ऑनलाइन अभियान की ओर स्पष्ट संकेत देती है, जो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर समान नैरेटिव, समान भाषा और समान हैशटैग्स के जरिए संचालित किया जा रहा है। विश्लेषण में सामने आए यूजर्स, पेजेज़ और ग्रुप्स न केवल भारत विरोधी कंटेंट को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक मुद्दों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने की रणनीति अपनाते दिखते हैं। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि कुछ अकाउंट्स खुद को बांग्लादेशी या स्वतंत्र यूजर के रूप में प्रस्तुत करते हैं, लेकिन उनके ऐप-कनेक्शन, लोकेशन संकेत और नेटवर्क गतिविधियाँ पाकिस्तान-केंद्रित डिजिटल इकोसिस्टम से जुड़ाव की ओर इशारा करती हैं। इससे यह संदेह और गहरा होता है कि यह अभियान केवल वैचारिक असहमति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित सूचना युद्ध (Information Warfare) की रणनीति काम कर रही है।

#IndiaOut और #BoycottIndia जैसे हैशटैग्स के तहत लाखों पोस्ट्स का प्रसार यह दर्शाता है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग दिखाने, उसकी आंतरिक स्थिरता पर सवाल खड़े करने और वैश्विक जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। कंटेंट में बार-बार भारत को “असफल राज्य”, “आक्रामक शक्ति” या “खतरा” बताने का पैटर्न एक सोची-समझी नैरेटिव बिल्डिंग को उजागर करता है। इन तमाम तथ्यों को मिलाकर देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि यह गतिविधियाँ स्वतःस्फूर्त नहीं हैं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क द्वारा संचालित डिजिटल अभियान का हिस्सा हैं, जिसमें फर्जी या भ्रामक कंटेंट, भावनात्मक उकसावे और राजनीतिक दुष्प्रचार का सुनियोजित उपयोग किया गया है।