अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंका बनी हुई है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ड्रोन फुटेज वायरल हो रहा है। जिसमे दावा किया जा रहा है कि वायरल फुटेज USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) का है। जिसे ईरानी फोर्स आईआरजीसी ने जारी किया है।

Source: X
सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर RKM ने वायरल फुटेज को शेयर कर लिखा कि अभी-अभी #IRGC ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी में फ़ारसी खाड़ी के पास USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) का ड्रोन से लिया गया एक विस्तृत और बहुत करीब का फुटेज जारी किया है। IRGC और ईरानी ARTESH अब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसैनिक ताकतों पर हमला करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

Source: X
वहीं एक अन्य वेरिफाइड यूजर डिफेंस जर्नल ने वायरल फुटेज को शेयर कर लिखा कि अभी-अभी: IRGC ने ड्रोन फुटेज जारी किया है जिसमें पर्शियन गल्फ के पास USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) का क्लोज-अप व्यू दिखाया गया है, और इसे संभावित जवाबी कार्रवाई की तैयारियों के हिस्से के तौर पर पेश किया गया है। यह फुटेज ईरान के सर्विलांस क्षमताओं का संकेत देने और यह दिखाने के इरादे को दिखाता है कि IRGC और ARTESH सेनाएं मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं।

Source: X

Source: X
इसके अलावा कई अन्य यूजर ने वायरल फुटेज को शेयर कर ऐसा ही दावा किया है। जिसे यहां पर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:

Source: Press TV
वायरल फुटेज के साथ किये गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने सबसे पहले वायरल फूटेज को कीफ्रेम में कन्वर्ट किया। इसके बाद सभी कीफ्रेम को अलग-अलग कर रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट प्रेस टीवी की एक रिपोर्ट मिली। 21 अप्रेल 2021 को पब्लिश इस रिपोर्ट में वायरल फुटेज को देखा जा सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने फ़ारसी खाड़ी में एक अमेरिकी विमानवाहक पोत के ऊपर से उड़ान भरते समय अपनी एलीट फ़ोर्स के ड्रोन द्वारा कैप्चर किए गए एक अमेरिकी विमानवाहक पोत का बेहद सटीक और नज़दीकी फ़ुटेज जारी किया है।

Source: Newyork Post
इसके अलावा हमें अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क पोस्ट की एक अन्य रिपोर्ट मिली। 22 अप्रेल 2021 को पब्लिश इस रिपोर्ट में भी वायरल ड्रोन फुटेज के स्क्रीनग्रैब को देखा जा सकता है।
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से साबित होता है कि वायरल फुटेज के साथ किया गया दावा भ्रामक है। क्योंकि वायरल ड्रोन फूटेज हाल-फिलहाल की नहीं बल्कि 22 अप्रेल 2021 की है।

