सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो शेयर किया गया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिकर्मियों द्वारा एक गली में कुछ युवकों की पिटाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। वीडियो के साथ दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों ने आरएसएस-बीजेपी को काट डालो की नारेबाजी करते हुए एक रैली निकाली थी, जिसके बाद पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की है।
सोशल मीडिया पर लगातार फेक न्यूज फैलाने वाले मनोज श्रीवास्तव नामक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘*कटमुल्लो ने* *दोपहर 12:00 बजे रैली निकाली* *RSS-BJP को काट डालो* *और शाम 7:00 बजे* *योगी सरकार ने पि#$ड़ा तोड़ दीया*’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं है। यह वीडियो तेलंगाना के हैदराबाद का वर्ष 2022 का पुराना वीडियो है। हमारी टीम ने वीडियो को गौर से देखने पर पाया कि पुलिस वाहन पर नंबर की शुरूआत TS से हो रही है, जो तेलंगाना का है। पुलिस वाहन का नंबर TS09 से शुरु हो रहा है, जो हैदराबाद का है। तेलंगाना ट्रांसपोर्ट विभाग के एक गैजेट के अनुसार TS की जगह अब TG कर दिया गया है। इस गैजेट में देखा जा सकता है कि TG09 से लेकर 14 तक हैदराबाद के लिए आवंटित है।

वहीं आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें यह वीडियो एनडीटीवी के 25 अगस्त 2022 को किए गए एक ट्वीट में मिला। इस ट्वीट के साथ जानकारी दी गई है, ‘तेलंगाना | हैदराबाद के शालीबांडा में कल रात सस्पेंड किए गए बीजेपी नेता टी राजा सिंह की पैगंबर मोहम्मद पर कथित टिप्पणियों को लेकर प्रदर्शनकारी जमा हुए; पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया।’ (हिन्दी अनुवाद)
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं है। यह तेलंगाना के हैदराबाद का है वर्ष 2022 का पुराना वीडियो है। इसलिए यूजर का दावा भ्रामक है।

