सोशल मीडिया पर जम्मू कश्मीर के राजौरी में भारतीय सेना के कैंप पर हमले के दावे के साथ एक पुलिस अधिकारी का बयान शेयर किया गया है। वायरल वीडियो में पुलिस अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 24 घायल हैं और फिलहाल पुलिस की जांच चल रही है।
पुलिस अधिकारी के इस बयान को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘हम कश्मीरी लड़ाकों को राजौरी में इंडियन आर्मी कैंप को निशाना बनाने और ज़ुल्म करने वाली इंडियन आर्मी के ख़िलाफ़ अपनी ज़मीन के लिए खड़े होने के लिए बधाई देना चाहते हैं। मणिपुरी लोगों का सफ़र भी ऐसा ही है, हम इंडियन आर्मी को हराएंगे।’

वहीं एक अन्य यूजर ने भी पुलिस अधिकारी के इस बयान को राजौरी में सेना कैंप पर हमले का बताकर शेयर किया है, जिसे यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में दावे को भ्रामक पाया। वायरल वीडियो में दिख रहे पुलिस अधिकारी लद्दाख के मौजूदा डीजीपी मुकेश सिंह हैं। उनका वायरल बयान वर्ष 2022 में कटरा में बस में आग लगने की घटना के वक्त दिया गया था। मुकेश सिंह उस वक्त जम्मू जोन के एडीजीपी थे और बस में आग लगने की घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचे थे। तब उन्होंने मीडिया को बस हादसे में 4 तीर्थयात्रियों की मौत और 24 के घायल होने की जानकारी दी थी। हमें मुकेश सिंह का 13 मई 2022 को दिया बयान एक यूट्यूब चैनल पर मिला।
वहीं, 2022 में कटरा में बस में आग लगने की घटना के बारे में हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स भी सर्च किया। हमें 13 मई 2022 की आज तक और एबीपी न्यूज सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट में तत्कालीन डीजीपी दिलबाग सिंह के हवाले से लिखा गया है, ‘जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने एबीपी न्यूज से बातचीत करते हुए बताया कि बस में आग किसी धमाके से नहीं लगी बल्कि इंजन में आग लगने की वजह से ये हादसा हुआ है. इसके पहले किसी चश्मदीद ने बताया कि धमाके की वजह से आग लगी थी।’

इसके अलावा, हमने राजौरी में भारतीय सेना के कैंप पर हमले के संदर्भ में गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया, लेकिन हमें सेना के कैंप पर हमले और 4 लोगों की तथा 24 लोगों के घायल होने की कोई मीडिया रिपोर्ट्स या आधिकारिक बयान नहीं मिला।
निष्कर्षः
DFRAC की टीम ने जांच में वायरल दावे को भ्रामक पाया। तत्कालीन जम्मू जोन के ADGP मुकेश सिंह का वायरल बयान 13 मई 2022 को कटरा में बस में आग लगने की घटना की जानकारी देने का है। वहीं, राजौरी में भारतीय सेना के कैंप पर हमले का दावा भी गलत है।

