सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की गई है, जिसमें वर्दी पहने कई लोगों को देखा जा सकता है। इस तस्वीर को शेयर करने वाले यूजर का दावा है कि यह भारतीय सेना के असम राइफल्स के जवान हैं, जिन्हें मणिपुर में लोगों के घरों पर हमलाकर आग लगाते और प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाते हुए पकड़ा गया है।
Manipur Post नामक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, ‘आज सुबह 11 बजे, मणिपुर के फाइटर ग्रुप ने मणिपुर के लिटन में इंडियन आर्मी असम राइफल्स यूनिट के तेरह सैनिकों को पकड़ लिया। ये सैनिक BJP सरकार और इंडियन आर्मी की तरफ से लोगों के घरों पर हमला कर रहे थे, उन्हें जला रहे थे और प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर रहे थे। उनके अपहरण से जुड़ी और खबरें जल्द ही आप सभी के साथ शेयर की जाएंगी।’ (हिन्दी अनुवाद)

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि भारतीय सेना के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए फेक दावा किया गया है। मणिपुर में भारतीय सेना के असम राइफल्स के 13 जवानों को पकड़े जाने की ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मणिपुर पुलिस ने एक पोस्ट में इस दावे को फेक करार दिया है। पुलिस ने बताया है, ‘फेक। ऐसी कोई घटना नहीं हुई। यह भारतीय सेना के बारे में गलत जानकारी फैलाने के लिए एक झूठी जानकारी दी गई है।’ (हिन्दी अनुवाद)

Manipur Post नामक यह यूजर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लगातार मणिपुर को लेकर फेक और भ्रामक सूचनाएं शेयर कर रहे हैं। हमारी टीम ने इस यूजर द्वारा फैलाए गए कई फेक और भ्रामक सूचनाओं का फैक्ट चेक किया है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि मणिपुर में 13 भारतीय सैनिकों के पकड़े जाने का दावा फेक है। मणिपुर पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है। पुलिस ने इसे भारतीय सेना के खिलाफ दुष्प्रचार करार दिया है।

