protest against PM Modi

फैक्ट चेकः दो पुरानी घटनाओं का वीडियो PM मोदी के खिलाफ हालिया प्रदर्शन का बताकर शेयर किया गया

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर दो वीडियो का कोलाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हालिया प्रदर्शन का बताकर शेयर किया गया है। एक वीडियो के साथ प्रदर्शनकारियों द्वारा बीजेपी कार्यालय फूंके जाने का दावा भी किया गया है। पहले वीडियो में देखा जा सकता है कि लोगों की भारी भीड़ एक गेट को तोड़ने की कोशिश कर रही है, तो वहीं दूसरे वीडियो में एक बिल्डिंग में आग और धुएं का उठता गुबार देखा जा सकता है।

दोनों वीडियो के कोलाज को शेयर करते हुए Jeetu Burdak नामक यूजर ने लिखा, ‘मोदी जी का भयंकर विरोध शुरू. प्रदर्शनशनकारी जनता ने BJP दफ़्तर को जला दिया?’

लिंक

इसके अलावा फेसबुक पर भी इस वीडियो को पीएम मोदी और बीजेपी के खिलाफ हालिया प्रदर्शन के दावे के साथ शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह दोनों वीडियो हालिया प्रदर्शनों के नहीं है, बल्कि पुराने प्रदर्शन के हैं। पहला, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में हुए प्रदर्शन का पुराना वीडियो है, वहीं दूसरा वीडियो लद्दाख के लेह में बीजेपी का दफ्तर फूंके जाने का सितंबर 2025 का वीडियो है। हमारी टीम ने दोनों वीडियो का अलग-अलग फैक्ट किया है।

पहले वीडियो का फैक्ट चेकः

वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह वीडियो Jagat martoliya नामक एक फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट मिला, जिसके साथ जानकारी दी गई है, ‘पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी कार्यालय के गेट को धक्का देकर घुसे आंदोलनकारी कैंपस में! हमें न्याय अपनी शर्त पर चाहिए! सरकार की शर्त पर नहीं! सरकार तो झूठ बोलती है इसीलिए नन्ही परी के कातिल बरी हो गए……’ इस मामले पर और ज्यादा जानकारी के लिए हमारी टीम ने जगत मारतोलिया से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो पिथौरागढ़ का सितंबर में हुए प्रदर्शन का है, जब नन्ही परी के इंसाफ की मांग को लेकर लोग डीएम कार्यालय पहुंचे थे।

दूसरे वीडियो का फैक्ट चेकः

दूसरे वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह वीडियो और उसके स्क्रीनग्रैब टाइम्स ऑफ इंडिया और एबीपी न्यूज सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स में मिले। यह वीडियो सितंबर में लद्दाख के लेह में हुए प्रदर्शन के दौरान बीजेपी का कार्यालय फूंके जाने की घटना से संबंधित है। TOI की 24 सितंबर 2025 की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने शहर में भाजपा कार्यालय को आग लगा दी, पत्थर फेंके और पुलिस के साथ झड़प की।’ वहीं एबीपी न्यूज की 24 सितंबर 2025 की रिपोर्ट में बीजेपी दफ्तर फूंके जाने की घटना पर सीएम उमर अब्दल्लाह की प्रतिक्रिया प्रकाशित की गई है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो कोलाज दो अलग-अलग राज्यों की पुरानी घटनाओं का है। पहला वीडियो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में हुए प्रदर्शन का है, जबकि दूसरा लद्दाख में बीजेपी दफ्तर फूंके जाने का पुराना वीडियो है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।