सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सैकड़ों वर्दीधारी कर्मी दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह मणिपुर का दृश्य है, जहाँ बड़े पैमाने पर आम लोगों के विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय सुरक्षा बल पीछे हट गए हैं और कई इलाकों में हथियार डाल दिए हैं।

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सोशल साइट X पर यूजर पाकिस्तानी मारखोर ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि मणिपुर की आज़ादी | अनोखे नज़ारे बड़े पैमाने पर आम लोगों के विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय सुरक्षा बल पीछे हट गए हैं और कई इलाकों में हथियार डाल दिए हैं। भीड़ खुलेआम नई दिल्ली के अधिकार को नकार रही है, और खुद के फैसले की मांग करने वाले नारे लगा रही है।

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वहीं एक अन्य यूजर हमदान न्यूज़ ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि मणिपुर में भारतीय सेना ने सरेंडर किया! मणिपुर के कुछ इलाकों में भारत के खिलाफ मणिपुर के लोगों के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने अपने हथियार डाल दिए हैं और बड़ी संख्या में पीछे हट गए हैं। मणिपुर में प्रदर्शनकारी एक आज़ाद देश की मांग कर रहे हैं।

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इसके अलावा कई अन्य यूजर ने भी वायरल वीडियो को ऐसे हिए दावे के साथ शेयर किया है। जिसे यहां पर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:
वायरल वीडियो के साथ किए गए दावे की जांच के लिए DFARC ने सबसे पहले वीडियो को की-फ्रेम में कन्वर्ट किया और फिर सभी की-फ्रेम्स को अलग-अलग रिवर्स सर्च किया। इस प्रक्रिया के दौरान हमें यही वीडियो इंस्टाग्राम पर मिला।

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19 नवंबर 2025 को ‘अगुलि टीवी’ नामक यूजर द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, यह वीडियो एक बड़े एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन का है। इस ऑपरेशन में SP बिजोय देबबर्मा के नेतृत्व में सेपाहिजाला जिला पुलिस ने एक ही दिन में 12 लाख से अधिक गांजे के पौधे नष्ट कर दिए। इस अभियान में जिला पुलिस, TSR, CRPF और वन विभाग के लगभग 500 जवान शामिल थे। यह कार्रवाई पाँच पुलिस स्टेशन क्षेत्रों—बिशालगढ़, बिश्रामगंज, कलामचौरा, सोनमुरा और मेलाघर—में एक साथ की गई। इसे जिले का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन बताया गया है, जो सेपाहिजाला को गांजा-मुक्त क्षेत्र बनाने की पहल का हिस्सा है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने भी इस संयुक्त प्रयास की सराहना की।

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इसके अतिरिक्त, इस घटना से संबंधित इंडिया टुडे की एक समाचार रिपोर्ट भी मिली। 18 नवंबर 2025 को प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा में सेपाहिजाला जिला पुलिस के नेतृत्व में एक मल्टी-एजेंसी ऑपरेशन के तहत लगभग 50 करोड़ रुपये मूल्य के 12 लाख गांजे के पौधे नष्ट किए गए। पुलिस अधीक्षक बिजोय देबबर्मा के अनुसार, यह अभियान विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अवैध नशीली दवाओं की खेती और तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता है, जिससे एक बड़ी सप्लाई चेन कमजोर हुई है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है। यह वीडियो मणिपुर का नहीं, बल्कि त्रिपुरा में चलाए गए एक बड़े एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन का है, जिसमें सुरक्षा बलों ने 12 लाख से अधिक गांजे के पौधे नष्ट किए थे।

