Pawan Khera

फैक्ट चेकः पवन खेड़ा ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को निर्लज्ज और घमंडी नहीं कहा, वायरल वीडियो एडिटेड है

Fact Check hi Featured Misleading

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और योगी सरकार की कड़ी आलोचना की थी। इस बीच सोशल मीडिया पर पवन खेड़ा का एक बयान इस दावे के साथ वायरल हो रहा है कि खेड़ा ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना करते हुए उन्हें निर्लज्ज और घमंडी कहा। वायरल वीडियो में पवन खेड़ा को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘अब ये शंकराचार्य नहीं रहे। ये घमंड की पराकाष्ठा है। इसको कहते हैं विनाशकाले विपरीत बुद्धि। आप हैं कौन? आपकी औकात क्या है? लानत है ऐसे लोगों पर। ये बेशर्मी है, ये बेहयाई है, ये निर्लज्जता है, उससे कम कुछ नहीं।’

इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा अब शंकराचार्य को सनातन का सिरमौर और संत शिरोमणि बता रहा है इसी वीडियो मे 4 दिन पहले का इनका बयान सुनिए जब इन्ही शंकराचार्य को कह रहा था- कौन शंकराचार्य? आप कौन हो? आपकी औकात क्या है? बेशर्म हो, बेहया है, निर्लज्ज हैँ, घमंडी हैँ विनाश काले विपरीत बुद्धि।’

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वहीं इस वीडियो को कई अन्य यूजर्स द्वारा भी ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया जा रहा है, जिसे यहां, यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने पवन खेड़ा के वायरल बयान के संदर्भ में जांच करने पर पाया कि खेड़ा का एडिटेड बयान शेयर किया गया है। उन्होंने ना तो शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना की है और ना ही उन्हें निर्लज्ज और घमंडी कहा है। पवन खेड़ा अपने बयान में बीजेपी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की आलोचना कर रहे थे। खेड़ा के इस बयान को एडिट करके इस तरह दिखाया गया है, जैसे उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना में यह बयान दिया है। हमें पवन खेड़ा का पूरा बयान Indian National Congress के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर मिला।

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हमने पाया कि पवन खेड़ा ने अपने बयान में शंकराचार्य मामले पर बीजेपी और यूपी की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उनके इस बयान के अलग-अलग हिस्सों को एडिट करके इस तरह से जोड़ा गया है, जैसे उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना की है। सबसे पहले इस वीडियो के 2ः20 मिनट से 3ः10 मिनट के ड्यूरेशन में पवन खेड़ा कहते हैं, ‘यूपी सरकार और प्रशासन द्वारा माफी मांगना तो दूर की बात है, उल्टा आधी रात को 12 बजे एक नोटिस आ गया उत्तर प्रदेश सरकार से। उस नोटिस में यह कहा जाता है कि साहब हम तो आपको शंकराचार्य नहीं मानते हैंये घमंड की पराकाष्ठा, इसको कहते हैं विनाशकाले विपरीत बुद्धि। ये निर्लज्ज भाजपा है।’

इसके बाद 3ः55 मिनट से 4ः15 मिनट के ड्यूरेशन में पवन खेड़ा कहते हैं, ‘शंकराचार्य, जो सनातन के सिरमौर माने जाते हैं, होते हैं। कोई डीएम तय करेगा, प्रशासन तय करेगा, कोई मुख्यमंत्री तय करेगा कि वो शंकराचार्य हैं या नहीं हैं। आप हैं कौन? आपकी औकात क्या है?।’ इसके बाद 6ः10 मिनट से 6ः54 मिनट पर पवन खेड़ा कहते हैं, ‘1954 में सुप्रीम कोर्ट में एक मामला आया, मठ का एक केस था। जिसमें यह कह दिया गया था कि मठ की परंपरा और मठ के संचालन में हस्तक्षेप का किसी को अधिकार नहीं है। तो ये कल रात को 12 बजे आदित्यानाथ ने, अजय सिंह बिष्ट ने नोटिस भेजा है, ये संविधान के आर्टिकल-25 और आर्टिकल-26 का उल्लंघन है। ये नैतिकता के पैमाने पर सही नहीं है, ये कानून के पैमाने पर सही नहीं है, ये संविधान के पैमाने पर सही नहीं है। ये बेशर्मी है, ये बेहयाई है, ये निर्लज्जता है। उससे कम कुछ नहीं है।

वहीं, हमारी टीम ने और ज्यादा जानकारी के लिए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से भी संपर्क किया। उन्होंने कहा कि ‘शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना करने की बात पूरी तरह से झूठ है। बीजेपी और उससे जुड़े लोग जब हिन्दू संत का अपमान करते पकड़े गए हैं, तो फिर फेक न्यूज फैला रहे हैं।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना नहीं की है। उनका वायरल वीडियो एडिटेड है। ओरिजनल वीडियो में वह शंकराचार्य के मुद्दे पर बीजेपी और योगी सरकार की आलोचना कर रहे थे। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।