low wages in Bangladesh

फैक्ट चेकः बांग्लादेश के चाय बागानों में कम मजदूरी मिलने की बात करते शख्स का वीडियो भारत का बताकर वायरल

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके साथ यह दावा किया जा रहा है कि भारत के चाय के बगानों में मजदूरों को बहुत कम पैसे दिए जाते हैं। बागानों में मजदूरों को 8 घंटे लगातार काम करने पर सिर्फ 178 रुपए मजदूरी दी जाती है। सोशल मीडिया पर लोग बागान मजदूरों की इस हालत का जिम्मेदार बीजेपी और टीएमसी को ठहराते हुए जमकर आलोचना कर रहे हैं।

एक यूजर ने बंगाली भाषा में कैप्शन लिखा, जिसका गूगल ट्रांसलेट की मदद से हिन्दी अनुवाद है, ‘कुछ के पास आहार का रसद है, कुछ के पास जीवन टिका है! तृणमूल भाजपा की इस साझा राजनीति को छोड़ इस आदमी की आँखों में झाको, जैसे उसकी आँखों ने दुनिया का क्रूर सच मान लिया हो! मेहनत और मेहनत की कीमत बताते बताते शरीर कांप रहा है ! दिन भर 178 टका की आय! वास्तविकता बहुत कठिन है .. लाल ध्वज की लड़ाई ये लोग रोटी की मांग करते हैं rouji…. आप कौन सी दिशा चुनेंगे, कौन सी दिशा? पक्ष ले लो!’

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फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम की जांच में पाया कि यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है। हमारी जांच में सामने आया कि यह वीडियो सबसे पहले बांग्लादेश के चटगांव के रहने वाले एक फेसबुक यूज़र “Smile With Shehab” द्वारा 6 जनवरी को पोस्ट किया गया था।

बाद में, इसी यूजर ने 13 जनवरी 2026 को वीडियो को दोबारा शेयर करते हुए लिखा कि यह वीडियो उसी ने बनाया है। इस यूजर ने लोगों से यह अपील की है कि मजदूर के वायरल वीडियो को शेयर कर मदद की अपील करते हुए फेसबुक पेजों से फंड रेजिंग की जा रही है, इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। वहीं, हमने यह भी पाया कि वीडियो में दिख रहा शख्स टका (करेंसी) बोलता है, जो बांग्लादेश की करेंसी है, जबकि भारतीय करेंसी ‘रुपया’ है।

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निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो भारत का नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश के चाय बागान के मजदूर का है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।