सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर एक कार से लगातार फायरिंग की जा रही है। इस वीडियो को शेयर करने वाले यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली महिलाओं पर फायरिंग का है।
Vaishali Mishra नामक एक्स (पूर्व ट्विटर) यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘ईरान में हिजाब से आजादी के लिए प्रदर्शन किया जाता है और उन पर गोलियों से बौछार हो रहा है। मियां खिलाफ और रिहाना चुप क्यों है…’

इसके अलावा इस वीडियो को ईरान में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग का बताते हुए कई अन्य यूजर्स ने भी शेयर किया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह ईरान में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी का वीडियो नहीं है। यह सीरिया के अलेप्पो शहर में गोलीबारी की घटना का वीडियो है। इस वीडियो को 10 जनवरी को कई यूजर्स द्वारा सीरिया का बताकर शेयर किया गया है। अल-अमारा समाचार العَمارَةُ نْيُوزْ ने इस वीडियो को अलेप्पो शहर का बताते हुए शेयर किया है।
इसके अलावा, यूनिवर्सिटी ऑफ़ एवरी में पॉलिटिकल इकॉनमी के प्रोफेसर और रिसर्चर Dr.Hassen Kobbi ने भी वीडियो को सीरिया का बताते हुए लिखा, ‘इंटरनेशनल कम्युनिटी सीरिया जैसे देश पर राज करने के लिए टेररिस्ट मिलिशिया को कैसे सपोर्ट कर सकती है?!’ (हिन्दी अनुवाद)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीरियाई सेना और कुर्द-नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के बीच भीषण झड़पों के चलते हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। सेना द्वारा शहर के दो कुर्द इलाकों को “बंद सैन्य क्षेत्र” घोषित किए जाने के बाद हालात और बिगड़ गए।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो ईरान का नहीं है। यह वीडियो सीरिया के अलेप्पो शहर में हुई गोलीबारी का वीडियो है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।

