ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के कारण हो रहे प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि रात के अँधेरे में मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे हैं। इस वीडियो को ईरान का बताकर शेयर किया गया है।
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘ईरान की सरकार ने प्रदर्शनकारियों के लिए लाइटें बंद कर दीं, लेकिन इससे उन्हें सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी रखने से नहीं रोका जा सका, वे मांग कर रहे थे कि अयातुल्लाह सत्ता से बाहर हों।’ (हिन्दी अनुवाद)

इसके अलावा इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर ईरान का बताते हुए कई अन्य यूजर्स ने भी शेयर किया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह ईरान में हो रहे प्रदर्शनों का ओरिजिनल वीडियो नहीं है। इस वीडियो को आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर बनाया गया है। यह वीडियो हमें elnaz555 नामक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 11 जनवरी को पोस्ट मिला। इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है कि इस यूजर ने तेहरान में हो रहे प्रदर्शनों से इंस्पायर होकर इस वीडियो को AI की मदद से बनाया है।
elnaz555 ने वीडियो शेयर कर लिखा, ‘सरकार ने प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या को छिपाने के लिए स्ट्रीट लाइट बंद कर दीं, लेकिन सबने यह दिखाने के लिए अपने फ़ोन की लाइट जलाई कि वे वहाँ मौजूद हैं। मैंने यह वीडियो AI का इस्तेमाल करके बनाया है, जो आज रात (10 जनवरी, 2026) ईरान की राजधानी तेहरान में हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित है।’

इसके अलावा आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने वायरल वीडियो की जांच AI डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन और डीपफेक-ओ-मीटर पर की। हमारी जांच में परिणाम सामने आया कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि इसे AI द्वारा बनाया गया है।

निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो ईरान में हो रहे प्रदर्शनों का नहीं है। इस वीडियो को AI का इस्तेमाल कर बनाया गया है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।

