सोशल मीडिया पर ईरान के हवाले से एक दावा बड़ा वायरल हो रहा है। जिसमे आरोप लगाया जा रहा है कि इज़राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में ईरान के खुफिया विभाग ने भारतीय और अफगानों को गिरफ्तार किया है।

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सोशल साइट X पर यूजर MARKHOR ने लिखा कि #ब्रेकिंग: ईरानी इंटेलिजेंस ने एक बार फिर कई भारतीयों और अफ़गानों को इज़राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया है। “अजीत डोभाल मोसाद से मीटिंग के बाद भारत लौट आए हैं।” बलूचिस्तान पर भी बातचीत हुई!!

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वहीं एक अन्य यूजर Ironclad ने भी ऐसा ही दावा करते हुए X पर लिखा कि #ब्रेकिंग: ईरान की स्पेशल फोर्स ने इज़राइल के मोसाद से कनेक्शन के लिए 13 भारतीय और 06 अफ़गान नागरिकों को गिरफ्तार किया है।।
फैक्ट चेक:

Source: Press TV
वायरल दावे की जांच के लिए DFRAC ने सबसे पहले ईरान के आधिकारिक न्यूज़ चैनल प्रेस टीवी की रिपोर्ट को चेक किया। लेकिन हमें वहाँ पर ऐसी कोई न्यूज़ रिपोर्ट नहीं मिली। जिसमे बताया गया हो कि ईरान ने इज़राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया हो।

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इसके साथ ही हमने जांच को आगे बढ़ाते हुए X पर ईरान के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक हेंडल की भी जांच की। लेकिन वहाँ पर भी हमें इजरायल के लिए भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी के सबंध में कोई बयान या आधिकारिक सूचना नहीं मिली।

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इसी तरह हमने अफगानिस्तान के नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़े दावे की जांच के लिए प्रेस टीवी की न्यूज़ रिपोर्ट को देखा। लेकिन उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी कोई जानकारी हमें नहीं मिली।

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जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने X पर ईरान के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक हेंडल की भी जांच की। लेकिन वहाँ पर भी हमें इज़राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में अफगान नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ा कोई बयान या आधिकारिक सूचना नहीं मिली।
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से साबित होता है कि ईरानी इंटेलिजेंस द्वारा इज़राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में भारतीयों और अफ़गानों को गिरफ़्तार करने का दावा फेक है। इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है

