
बीजेपी के नेता और बिहार के पूर्व मंत्री Nand Kishore Yadav ने अपने वेरीफ़ाइड फ़ेसबुक पेज पर पोस्ट कर दावा किया-”2016 में इतिहास में पहली बार पाकिस्तान में हुई सर्जिकल स्ट्राइक।”

उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने ट्वीट किया है, “इतिहास में पहली बार पाकिस्तान के संरक्षण में छिपे आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक को दिया अंजाम।”
अविनाश ठाकुर (भूमिहार) ने ट्वीट किया,“मोदी जी के नेतृत्व में ही देश ने पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक किया।#हर_दिल_की_आवाज_है_मोदीजी।”
Narendra Modi fan ने ट्वीट किया है,“हां “मोदी जी” भारत के ‘इतिहास” के अबतक के सबसे कमज़ोर “प्रधानमंत्री” हैं, जिन्होंने धारा 370, 35ऐ हटाया, जिन्होंने पहली बार “सर्जिकल स्ट्राइक”, एयर स्ट्राइक करवाए, जिन्होंने “श्री राम मंदिर” का रास्ता साफ़ किया, जिन्होंने CAA लाया, नॉट- अभी क़ानून वापस नहीं हुआ है।”
PM मोदी के सत्ता में आने के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की भूमिका
जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में 18 सितम्बर 2016 को एलओसी के पास, भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर हुआ, जिसमें 16 भारतीय जवान मारे गए। यह भारतीय सेना पर किया गया, लगभग 20 सालों में सबसे बड़ा हमला था।
उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने 29 सितंबर को पाक प्रशासित कश्मीर की सीमा में सर्जिकल स्ट्राइक कर चरमपंथियों के लांचिंग पैड को तबाह करने का दावा किया था। तब रक्षा मंत्री थे मनोहर पर्रीकर। सवाल ये है कि क्या ये भारत की पहली सर्जिकल स्ट्राइक थी?
फ़ैक्ट चेक:
इस बाबत इंटरनेट पर सिंपल सर्च करने पर, हमें कई रिपोर्ट्स मिले।
आज तक ने एक रिपोर्ट पब्लिश कर बताया है कि पिछले 19 सालों में भारतीय सेना ने 09 बार सर्जिकल स्ट्राइक किया है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना की ओर से एलओसी पार करने की पहली घटना मई 1998 में हुई और आख़िरी बार 2013 में भारतीय सेना ने सरहद पार सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इन दोनों घटनाओं के बीच में भी 1999 की गर्मी, जनवरी 2000, मार्च 2000, सितंबर 2003, जून 2008, अगस्त 2011 और जनवरी 2013 में भी भारतीय सेना ने ऑपरेशन्स के लिए 7 बार एलओसी पार की है।

वहीं बीबीसी हिन्दी ने भी अपनी एक रिपोर्ट में कांग्रेस के नेता अजय रॉय के हवाले सि लिखा है,” इससे पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक हुई है। इस बात को सरकार ने स्वीकार किया है। विदेश सचिव ने स्वीकार किया है। सेना के अधिकारियों ने भी इसे स्वीकार किया है। लेकिन पहले इसकी मार्केटिंग नहीं की गई।”
आज तक ने तत्कालीन विदेश सचिव और वर्तमान विदेश मंत्री एस जयशंकर का हवाला देकर अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने संसद की स्थायी समिति को जानकारी दी है कि भारतीय सेना इससे पहले भी एलओसी पार सर्जिकल स्ट्राइक कर चुकी है।

निष्कर्ष:
DFRAC टीम के इस फ़ैक्ट चेक से स्पष्ट है कि सर्जिकल स्ट्राइक PM मोदी के सत्ता में आने के बाद पहली बार नहीं किया गया, बल्कि भारतीय सेना ने ये ऑपरेशन कई बार किया है, इसलिए बीजेपी नेताओं समेत अन्य सोशल मीडिया यूज़र्स का दावा भ्रामक है।
दावा: भारत ने 2016 में पहली बार किया था सर्जिकल स्ट्राइक?
दावकर्ता: बीजेपी नेता व अन्य सोशल मीडिया यूज़र्स
फ़ैक्ट चेक: भ्रामक