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फैक्ट चेकः बंगाल में रोहिंग्या मुस्लिमों द्वारा 1000 हिन्दुओं की हत्या करने की सच्चाई

सोशल मीडिया पर ऐसी गलत सूचनाएं प्रसारित होती हैं, जिससे आप ना सिर्फ भ्रमित हो सकते हैं बल्कि ऐसी सूचनाएं आपको विचलित भी कर सकती हैं। इस सूचनाओं को एक खास मकसद के लिए फैलाया जाता है, जिससे समाज में विभाजन हो सके और कुछ लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसी मकसद के लिए कई फेक ट्वीटर और फेसबुक अकाउंट बनाए जाते हैं। ट्वीटर पर अल्पना तोमर (@alpana_tomar) नाम का एक यूजर है। इसके हैंडल से हर रोज भ्रामक, तथ्यहीन और गलत सूचनाएं प्रसारित की जाती हैं। इस यूजर ने अपनी पहचान छुपाने के लिए प्रोफाइल फोटो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगा रखी है। इस यूजर को भाजपा सांसद बीपी सरोज सहित कई वेरीफाइड यूजर द्वारा फॉलो भी किया जा है।

अल्पना तोमर ने ट्वीट किया- “कलकत्ता के एक छोटे गांव से एक हजार हिन्दू आदमी और छोटे बच्चे तभा बड़े मिला कर गायब हो गए हैं। 45 शव बरामद किए हैं। रोहिंग्या मुसलमानों ने हिन्दूओं का कत्ल कर दिया है। जी न्यूज की खबर सुने। प्लीज रिट्वीट जरूर जरूर करें। जिससे यह खबर शासन प्रशासन तक पहुंचे।” सोशल मीडिया पर यह भ्रामक खबर वायरल होते ही उसने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

इसके बाद 14 जुलाई 2021 को उसने फिर यही पोस्ट एक वीडियो के साथ ट्वीट किया। जिसमें उसने कलकत्ता की जगह बांग्लादेश का मुगड़ा जिला कर दिया। अल्पना तोमर के इस पोस्ट के बाद इसे ट्वीट और रिट्वीट किया जाने लगा। धीरे-धीरे यह न्यूज सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी।

(Source- Twitter)

फैक्ट चेकः

अल्पना तोमर और दूसरे ट्वीटर यूजर द्वारा कलकत्ता में एक हिन्दुओं की हत्या का दावा झूठा है। क्योंकि जो वीडियो क्लिप उनके द्वारा शेयर किया गया वह 2017 में म्यांमार के रखाइन राज्य में हिन्दुओं के नरसंहार का है।

बंगाल में चुनावों बाद हिंसा का सच

वहीं अल्पना तोमर द्वारा एक बार फिर से तथ्यहीन और भ्रामक सूचना प्रसारित की गई। उसने 28 मई 2021 को एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें भीड़ द्वारा एक व्यक्ति को पीटा जा रहा है। उसने दावा किया है कि यह वीडियो बंगाल का है। उसने पोस्ट किया- “जो लोग उस दिन बोल रहे थे कि ये वीडियो बंगाल का है वह अब देख लें। इसे सुदर्शन न्यूज़ पर चल रहा है। सहादरा में अनिवेश राजपूत की किस बेरहमी से तलवार से काट कर हत्या कर दी शांति दूतों ने।”

(Source – Twitter)

फैक्ट चेक-
इस दावे की जब जांच की गई तो यह दावा झूठा साबित हुआ। दरअसल यह वीडियो 5 मई 2021 को उत्तर प्रदेश में घटी एक घटना का है। जिसमें स्थानीय नागरिक बिलजी समस्याओं को लेकर बिजली विभाग के एक कर्मचारी की पिटाई कर रहे हैं। इस खबर को हिन्दुस्तान टाइम्स और अमर उजाला द्वारा प्रकाशित भी किया गया है।